एस विजय कार्तिक, जुलाई 18 -- संसद के मॉनसून सत्र से पहले तमिलनाडु में परिसीमन को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सत्ताधारी पार्टी टीवीके ने इस मुद्दे पर हाथ मिला लिया है और दोनों दलों ने बिल का कड़ा विरोध करने का ऐलान किया है। भले ही केंद्र सरकार के 20 जुलाई से शुरू होने वाले मॉनसून सत्र के एजेंडे में फिलहाल 'परिसीमन पैकेज' शामिल नहीं है, लेकिन तमिलनाडु में इसके खिलाफ लामबंदी शुरू हो गई है। राज्य की प्रमुख पार्टी डीएमके और सत्ताधारी दल तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने साफ कर दिया है कि अगर संसद में परिसीमन लागू करने से जुड़ा कोई भी बिल लाया जाता है, तो उसका कड़ा विरोध किया जाएगा।केंद्र ने राज्यों के अधिकार छीने तो करेंगे विरोध: डीएमके डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने शुक्रवार को स्...