पटना, दिसम्बर 13 -- राज्य में स्टार्टअप की गति तेज करने के लिए अकाउंट कल्चर का विकास करना होगा। बिजनेस और स्टार्टअप की पहली शर्त ही हिसाब-किताब बेहतर तरीके से रखना है। राज्य में स्टार्टअप को तेज गति मिलने से उद्यमी से ज्यादा लाभ समाज को मिलेगा। गांव स्तर पर रोजगार की संभावना बढ़ने के साथ स्थानीय परेशानी भी कम होगी। विकास प्रबंधन संस्थान (डीएमआई), पटना और मेधा लर्निंग फाउंडेशन द्वारा शनिवार को सामाजिक उद्यम और स्टार्टअप पर कार्यशाला में ये बातें डीएमआई के निदेशक प्रो. देबी प्रसाद मिश्रा ने कहीं। सेमिनार में राज्य की विविध सामाजिक जरूरतों पर उद्यमी, विशेषज्ञ और विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थाओं के इनक्यूबेशन सेंटर के प्रतिनिधि शामिल हुए। 'यूथस्केप मंथन' में मेधा के संस्थापक ब्योमकेश मिश्रा ने राज्य में युवाओं के लिए उभरते अवसरों तथा बदलते सामाजि...
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