धनबाद, अप्रैल 8 -- आईआईटी आईएसएम धनबाद में आयोजित इन्वेंटिव को संबोधित करते हुए आईआईटी मद्रास निदेशक प्रो. वी कामकोटि ने कहा कि भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है। यहां विकसित समाधान वैश्विक स्तर पर उपयोगी हो सकते हैं। सिर्फ बेसिक रिसर्च ही नहीं, बल्कि उसे प्रोडक्ट और समाज के लिए उपयोगी बदलाव में बदलना जरूरी है, जिससे लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सके। उन्होंने छात्रों को स्टार्टअप, इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग और इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वदेशी वैक्सीन निर्माण का उदाहरण देते हुए इसे देश की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया। प्रो. कामाकोटि ने मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम की जरूरत पर जोर दिया, जो रिसर्च, बौद्धिक संपदा (आईपी) और स्टार्टअप्स पर आधारित हो। आईआईटी मद्रास के अनुभव साझा करते हुए ...
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