कानपुर, अगस्त 21 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। केस्को के आरपीएच स्टोर में निष्प्रयोज्य बिजली के खंभे और उपकरण बेचने के मामले में अब विजिलेंस भी सक्रिय हो गई है। केस्को एमडी की संस्तुति के बाद लखनऊ विजिलेंस टीम ने प्रकरण से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। टीम ने पुलिस और केस्को के कुछ इंजीनियरों से भी संपर्क किया है। वहीं पुलिस की पूछताछ और विभागीय जांच में सामने आया है कि 10 टन की अनुमति के बजाय करीब 22 टन स्क्रैप बाहर भेजने का मामला महज एक घटना नहीं है। लंबे समय से ठेकेदारों और कुछ इंजीनियरों की मिलीभगत से स्क्रैप को कम कीमत पर बेचने और अतिरिक्त माल बाहर भेजने का खेल चलने की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक, यह मामला उस समय खुला जब स्क्रैप की बिक्री में हिस्सेदारी को लेकर विवाद हुआ। हिस्सा नहीं मिलने से उपजे असंतोष के बाद मामला केस्को प्र...