कानपुर, फरवरी 26 -- कानपुर। 11वीं की छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के मजिस्ट्रेट देवेन्द्र प्रताप सिंह छात्रा के आवास पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में बच्चों द्वारा आत्महत्या के बढ़ते मामले गंभीर चिंता का विषय हैं। कहा कि माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों के मनोभावों को समझें और उनकी सोच को सकारात्मक दिशा दें। साथ ही स्कूलों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि स्कूल में अध्ययन के साथ-साथ एक मनोविशेषज्ञ की नियुक्ति अनिवार्य होनी चाहिए जो सप्ताह में कम से कम एक बार विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों पर मार्गदर्शन दे सके। इस संबंध में शासन को...
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