बहराइच, मई 1 -- फखरपुर, संवाददाता। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूल बैग का बढ़ता बोझ अभिभावकों के बजट पर भारी पड़ रहा है। किताबें, कॉपियां, यूनिफॉर्म और अन्य जरूरी सामग्री खरीदने में अभिभावकों को हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। खासकर निजी स्कूलों में निर्धारित दुकानों से ही सामान खरीदने की बाध्यता के कारण खर्च और बढ़ जाता है। अभिभावकों का कहना है कि हर साल किताबों और कॉपियों में बदलाव कर दिया जाता है, जिससे पुराने संसाधनों का उपयोग नहीं हो पाता और नए सिरे से खरीदारी करनी पड़ती है। इसके अलावा भारी बैग बच्चों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल रहे हैं, जिससे पीठ और कंधों में दर्द की शिकायतें बढ़ रही हैं। बढ़ती महंगाई के बीच अब स्कूली बच्चों का बस्ता भी अभिभावकों के लिए आर्थिक बोझ बनता जा रहा है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होते ही किता...