जमशेदपुर, जून 10 -- झारखंड के सरकारी स्कूलों ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। नीति आयोग और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के यू-डायस प्लस के हालिया आंकड़ों के अनुसार, राज्य ने बच्चों की पढ़ाई बीच में छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) को कम करने में देश के अग्रणी राज्यों में स्थान बनाया है। इस उपलब्धि के बाद शिक्षा विभाग ने शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए राज्यव्यापी विशेष अभियान 'स्कूल रुआर 2026' (बैक-टू-स्कूल) शुरू किया है। आंकड़ों के अनुसार, झारखंड ने पिछले एक दशक में अपने शैक्षिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। प्राथमिक स्तर पर वर्ष 2014-15 में जहां ड्रॉपआउट दर 6.41% थी, वह अब घटकर शून्य (0%) पर पहुंच गई है। स्कूलों में बच्चों की निरंतर उपस्थिति के मामले में झारखंड का प...