नई दिल्ली, अक्टूबर 7 -- भारत में UPI पेमेंट्स अब सिर्फ पैसे भेजने और खरीदारी करने का माध्यम नहीं रहेंगे। सरकार इनके जरिए देश में प्राइवेट एजुकेशन (Private Education) और हेल्थकेयर से जुड़ी गतिविधियों का भी अंदाजा लगाने की तैयारी कर रही है। मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिक्स एंड प्रोग्राम एम्प्लीमेंटेशन (Ministry of Statistics and Programme Implementation -MoSPI) ने UPI मर्चेंट कैटेगिरी कोड से मिलने वाले ट्रांजैक्शन डाटा को इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया है। इसका मकसद स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और क्लीनिक जैसी सर्विसेस की एक्टिविटीज को हर महीने ट्रैक करना है। यह भी पढ़ें- स्टीव जॉब्स की चूक? बेचे थे Apple के 15 लाख शेयर, आज होते Rs.5.39 लाख करोड़! MoSPI इस डाटा का इस्तेमाल अपने नए इंडेक्स ऑफ सर्विस प्रोडक्शन (Index of Services Production -ISP) का दायरा बढ़...