फरीदाबाद, सितम्बर 14 -- फरीदाबाद, धनंजय चौहान। स्कूलों में अनुशासन के नाम पर बच्चों को शारीरिक सजा देना या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना स्वीकार्य नहीं है। हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने सोमवार को डबुआ-गाजीपुर रोड स्थित नवोदय विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल की 16 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए यह टिप्पणी की है। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और शिक्षा विभाग समेत संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। डबुआ क्षेत्र निवासी 16 वर्षीय छात्रा कक्षा नवोदय विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में11वीं में पढ़ती थी। एक सितंबर को उसने स्कूल की तीसरी मंजिल की छत से कथित रूप से छलांग लगा दी थी। छात्रा की मौत के बाद उसके पिता प्रमोद कुमार की शिकायत पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में एफआईआर द...