नई दिल्ली, जनवरी 29 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। आर्थिक सर्वेक्षण में एक अहम चेतावनी देते हुए भारत में अपेक्षित स्कूली शिक्षा अवधि को मौजूदा 13 से बढ़ाकर 15 वर्ष करने की सलाह दी गई है। सर्वे के मुताबिक, 2024 में भारत की करीब 27 फीसदी आबादी स्कूल जाने की उम्र (3-18 वर्ष) में थी। यही नहीं, 2047 तक भी यह हिस्सा 20 फीसदी से ज्यादा बना रहेगा। इसके बावजूद, भारत का शिक्षा सूचकांक अभी भी वैश्विक स्तर पर कमजोर बना हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह है बच्चों की औसत अपेक्षित पढ़ाई के साल, जो भारत में कई विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं से कम हैं। भारत में अभी औसत अपेक्षित पढ़ाई 13 वर्ष है। जबकि चीन में 15.5 वर्ष , ब्राजील में 15.8 वर्ष, जापान में 15.5 वर्ष , जर्मनी में 17.3 वर्ष और अमेरिका में 15.9 वर्ष है। रूस में 13.2 और इंडोनेशिया में औसत अपेक्षित स्कूल...
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