रांची, जून 30 -- रांची, प्रमुख संवाददाता। झारखंड अकादमिक परिषद (जैक) के विद्यालयी पाठ्यक्रम में झारखंड के इतिहास से जुड़े स्वतंत्रता संग्राम और जनजातीय आंदोलनों को शामिल किया गया है, जिसके तहत वर्तमान में 13 शहीदों की जीवनी पढ़ाई जा रही है। इनमें संताल हूल से जुड़े बाबा तिलका मांझी, सिद्धो मुर्मू, कान्हू मुर्मू, चांद मुर्मू, भैरव मुर्मू, फूलो मुर्मू और झानो मुर्मू के अलावा उलगुलान के प्रणेता भगवान बिरसा मुंडा, टाना भगत आंदोलन के जतरा भगत, 1857 की क्रांति के महानायक नीलांबर-पीतांबर, टिकैत उमराव सिंह, शहीद शेख भिखारी और राजा विश्वनाथ शाहदेव व पांडेय गणपत राय शामिल हैं। हालांकि, पाठ्यक्रमों में अब तक संताल हूल के कई अचर्चित और गुमनाम शहीदों व नायकों के योगदान को जगह नहीं मिल सकी है। वर्ष 2023 में डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान ...