मुजफ्फरपुर, जून 4 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। किसी स्कूल में एक से पांच तो किसी में एक से आठ तक की कक्षा, लेकिन किसी कक्षा में 10-10 बच्चे भी नहीं। जिले के सौ से अधिक स्कूलों में 50 बच्चे भी नहीं हैं। यू-डायस की रिपोर्ट से यह सामने आया है। इनमें प्राइमरी और अपग्रेड मिडिल स्कूल भी शामिल हैं।कक्षाएं पांचवीं से आठवीं तक चल रही है, लेकिन किसी स्कूल में कुल 30 तो किसी में अधिकतम 36 बच्चे हैं। एक कक्षा में मुश्किल से सात से 8 बच्चे इन स्कूलों में हैं। इन स्कूलों में तीन से पांच शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा दर्जनों ऐसे भी स्कूल हैं, जहां 100 से भी कम बच्चे हैं। यह भी पढ़ें- 56 स्कूल नहीं ले गए बच्चों का इंटर-मैट्रिक का अंकपत्र यह स्थिति दिखाती है कि जिन स्कूलों में संसाधन से लेकर शिक्षकों पर लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं, वहां 50 बच्...