देवघर, मार्च 17 -- सारठ,प्रतिनिधि। रमजान का पाक महीना चल रहा है। ऐसे में मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा रोजा रखकर खुदा की इबादत की जा रही है। सही मायने में देखा जाए तो मनुष्य की शुद्धिकरण की प्रक्रिया का नाम ही माह-ए-रमजान है। उक्त बातें रोजेदार अब्दुल हादी ने कही। उन्होंने कहा कि शरीर से लेकर मन व बुद्धि सभी को शुद्ध करने की प्रक्रिया माह भर चलती है। इस माह में अपने इंद्रियों को वश में रखते हुए गलतियों के लिए खुदा से माफी मांगते है। भूखे प्यासे रहकर रोजेदार लोग उन लोगों की तकलीफों को महसूस करते है। जिनको पेट भरने या प्यास बुझाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस माह में कुल बचत का एक हिस्सा जरूरतमंदो को दान किया जाता है। जिसे जाकत कहते है। यह पाक महीना पूरे विश्व में सौहार्द का बड़ा संदेश देता है। इसी तरह रमजान के तीस दिन के ...
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