गुड़गांव, अप्रैल 15 -- गुरुग्राम,गौरव चौधरी। गुरुग्राम जिला प्रशासन ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध अपनी जीरो-टोलरेंस नीति को दोहराते हुए सोहना ब्लॉक के गांव दोहला में होने वाले एक बाल विवाह को समय रहते रूकवा दिया गया। एडीसी सोनू भट्ट के मार्गदर्शन में की गई इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक नाबालिग के भविष्य को सुरक्षित किया, बल्कि समाज को कानून की सख्ती का कड़ा संदेश भी दिया है।प्रशासन को जानकारी मिली थी कि दोहला गांव में 20 अप्रैल को एक नाबालिग लड़की का विवाह होने जा रहा है। सूचना मिलते ही संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की, जिसमें लड़की की आयु मात्र 17 वर्ष पाई गई, जो कि विवाह की कानूनी आयु 18 वर्ष से कम है। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने विवाह की ...