मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 15 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। सोशल मीडिया पर भेजे गए लिंक पर क्लिक करने से इस साल 170 लोगों के मोबाइल हैक हो गए। इनमें से ज्यादातर लोगों के बैंक खाते से रुपये निकल गए। कुछ के व्हाट्सएप का गलत उपयोग किया गया। ठगी के शिकार लोगों ने थानों में एफआईआर दर्ज कराई। लेकिन, पुलिस हैकरों का सुराग नहीं ढूंढ पाई है। मोबाइल हैक करने के बाद खाते से रुपये स्थानांतरित करने के मामलों में साइबर शातिरों के बैंक खाते का ब्योरा भी पुलिास दबाकर बैठी है। जबकि बैंक के ब्योरे से साइबर शातिरों तक पहुंचना आसान है। बताया गया कि साइबर शातिर फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप आदि प्लेटफॉर्म पर फिशिंग लिंक डाल देते हैं। प्रचार या रोचक सामग्री देखकर लोग फिशिंग लिंक पर क्लिक करते हैं। इसके बाद उनका मोबाइल साइबर शातिर हैक कर बैंकिग व यूपीआई...
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