मेरठ, सितम्बर 30 -- भगत सिंह को याद करने का मतलब केवल उनकी तस्वीर लगाना, माल्यार्पण करना या साल में एक दिन उनके नाम पर कार्यक्रम करना नहीं है। असली सवाल है कि भगत सिंह की सोच क्या थी और आज की परिस्थितियों में हम उस सोच को अपने जीवन में किस रूप में उतार सकते हैं। भगत सिंह के विचार और चरित्र को जीवन में उतारना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। सीईआरटी इंजीनियरिंग कॉलेज में भगत सिंह की जयंती पर हुई भगत सिंह प्रेरणा सभा में यह बात पूर्व प्रशासनिक अधिकारी प्रभात राय ने कही। राय ने कहा कि यदि समाज में आज भी जातपात, भेदभाव, आर्थिक असमानता, शोषण और सामाजिक दूरी कायम है तो क्या केवल भगत सिंह का नाम लेने से उनके सपनों का भारत बन जाएगा। यह भी पढ़ें- भगत सिंह के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वानइतिहास को समझने का महत्व यह भी पढ़ें- अमर शहीद भगत सिंह का ब...