सोशल मीडिया के एक बयान का सीजेआई ने खंडन किया
नई दिल्ली, मई 9 -- भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को सोशल मीडिया पर अपने नाम से चल रहे एक जातिवादी बयान की निंदा की और उसका खंडन किया। उन्होंने इस बयान को 'घटिया, बेशर्मी भरा और शरारतपूर्ण' मनगढ़ंत बताया। सीजेआई उन कुछ पोस्ट का जिक्र कर रहे थे जो आजकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर प्रसारित हो रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से 'एक्स' पर एक अकाउंट का उल्लेख किया। सीजेआई ने बयान में कहा कि इस सोशल मीडिया अकाउंट ने झूठे तौर पर उनके नाम से यह बयान जोड़ा है। यह बयान था 'अगर कोई समाज, अपने बीच से आईएएस, आईपीएस, सीजेआई राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे पदों पर लोगों को पहुंचाने के बाद भी, खुद को शोषित ही बनाए रखना चाहता है, तो इसमें दोष ब्राह्मणों का नहीं, बल्कि उसकी अपनी मानसिकता का है।' सीजेआई ने इस बयान को पूरी तरह ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.