गया, जून 18 -- सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक के इस दौर में युवा वर्ग पहले से कहीं अधिक बाहरी दुनिया से जुड़ गया है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से वह हर पल नई जानकारियों और गतिविधियों से जुड़ा रहता है। लेकिन इस भागदौड़ में वह अपनी आंतरिक शांति, आत्मिक संतुलन और मानसिक सुकून से धीरे-धीरे दूर होता जा रहा है। यह बातें मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) दिलीप कुमार केशरी ने गुरुवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), मगध विश्वविद्यालय व युवा शांति फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 'पीस अवेयरनेस' विषय पर आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में कही। कुलपति ने युवाओं को 'ॐ' के महत्व को समझने और इसके नियमित उच्चारण को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि 'ॐ' का उच्चारण मन को शांत करता है, सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और ...