महाराजगंज, जून 30 -- कोठीभार, हिन्दुस्तान संवाद। सिसवा ब्लाक क्षेत्र के बड़हरा महंथ गांव स्थित प्राचीन भगवान जगन्नाथ मठ में जगन्नाथ प्रभु सोलह दिनों के एकांतवास में चले गए हैं। यह अनूठी परंपरा सदियों पुरानी एवं धार्मिक अनुष्ठान का प्रमुख हिस्सा है। यह भी पढ़ें- भगवान जगन्नाथ सोलह दिन के एकांतवास में गए एकांतवास की प्रक्रिया सोमवार को अपराह्न के समय वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ 108 पात्रों में चंदन और कपूर मिश्रित जल से भगवान जगन्नाथ को स्नान कराया गया। इसके बाद भगवान को एकांतवास में विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं को अब आगामी 16 जुलाई आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर निकलने वाली रथयात्रा के दौरान ही भगवान जगन्नाथ का दर्शन मिलेगा। पौराणिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा पर स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा और सुदर्शन को मौसमी ज्वर हो जाता...