गोरखपुर, अप्रैल 27 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता गीडा के उद्यमी उमेश छापड़िया ने फैक्ट्री में 200 किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित कराया है। सोलर से उत्पादित हजारों मूल्य की बिजली सीधे ग्रिड को चली जाती है। निगम के नियम के मुताबिक, सोलर से जितने मूल्य की बिजली उत्पादित होती है, उसे माइनस कर नया बिल बनाया जाना चाहिए। लेकिन सोलर से उत्पादित बिजली को माइनस किए बिना ही बिल अपडेट हो रहा है।गीडा से लेकर इंडस्ट्रियल एरिया में दर्जन भर उद्यमियों ने 200 किलोवाट से लेकर 1.8 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगवा रखा है। इस दिक्कत से सभी उद्यमी जूझ रहे हैं। लघु उद्योग भारती के प्रांतीय अध्यक्ष दीपक कारीवाल के साथ बिजली निगम के मुख्य अभियंता से हुई मुलाकात में इस मुद्दे को रखा गया। यह भी पढ़ें- बोले मेरठ : स्मार्ट मीटर की चाल ने बिगाड़ा बजट, बढ़ी मुसीबत मुख...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.