धनबाद, जून 27 -- देशभर में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने तथा वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने की मुहिम चल रही है। केंद्र और राज्य सरकारें सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही हैं। सरकारी कार्यालयों को भी सोलर सिस्टम से जोड़कर ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन धनबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्थिति इसके उलट नजर आ रही है। यहां अस्पताल की छत पर लगा सोलर सिस्टम लंबे समय से बंद पड़ा है। लाखों रुपये की लागत से लगाया गया यह सिस्टम अब केवल दिखावे की वस्तु बनकर रह गया है। अस्पताल की बिजली की खपत को पूरा करने के लिए हर साल जेनरेटर में लाखों रुपये का डीजल फूंका जा रहा है।

सोलर सिस्टम की स्थिति बता दें कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लगा सोलर सिस्टम पिछले कई साल से काम नहीं कर रहा है। अस्पताल की पूरी छत सोलर...