प्रयागराज, अप्रैल 7 -- सोरांव क्षेत्र के कई गांवों में आजीविका मिशन ने महिलाओं और ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ के फील्ड अध्ययन में सामने आया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं सिलाई, पशुपालन, लघु व्यापार और डिजिटल बैंकिंग से आत्मनिर्भर बनी हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। प्रमुख शोधकर्ता डॉ. राजेश सिंह ने इसे ग्रामीण विकास का प्रेरक मॉडल बताते हुए रिपोर्ट शीघ्र सरकार और यूजीसी को भेजने की बात कही।

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