गंगापार, फरवरी 21 -- होली से आठ दिन पहले होलाष्टक लग जाता है। इस बार 23 फरवरी से सोमवार से होलाष्टक प्रारंभ होगा। इन दिनों में कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। मान्यता है कि इन आठ दिन ग्रह अपना स्थान बदलते हैं, इसलिए कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। होलिका दहन दो मार्च सोमवार को किया जाएगा। होलिका दहन का मुहूर्त मध्यरात्रि के बाद 5 बजे से 3 मार्च के सूर्योदय के पूर्व रहेगा। दरअसल शाम 5:26 बजे से मध्यरात्रि 4:59 बजे तक भद्रा योग रहेगा। इस काल में होलिका दहन नहीं किया जाता है। चार मार्च को धुरेड़ी मनाई जाएगी। फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से होलाष्टक मनाया जाता है। होलाष्टक के आठ दिनों में नकारात्मक ऊर्जा बहुत बढ़ जाती है, इसलिए शुभ कार्य नहीं होते हैं। पं ध्रुव कुमार शास्त्री के अनुसार दो मार्च को चतुर्दशी तिथि का समापन शाम 5:25 बजे पर हो...
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