नई दिल्ली, दिसम्बर 8 -- केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आग्रह का कड़ा विरोध किया। एनएसए के तहत हिरासत में लिए गए वांगचुक ने जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शीर्ष अदालत में मामले की सुनवाई में शामिल होने की इजाजत मांगी थी। जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने की सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में एनएसए के तहत अपने पति को हिरासत में लिए जाने को गैर-कानूनी और मनमाना बताते हुए, इसे मौलिक अधिकार का हनन बताया। जस्टिस अरविंद कुमार और एन.वी. अंजारिया की पीठ के समक्ष अंगमो की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि वांगचुक जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में भाग लेना चाहते हैं, इसलिए उन्हें इसकी इजाजत दी जाए। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.