नई दिल्ली, अप्रैल 6 -- नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते दुनियाभर में सुरक्षित निवेश की रणनीति में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। आमतौर पर युद्ध या संकट के समय लोग सोने में निवेश करते हैं, लेकिन इस बार बड़ी संख्या में निवेशक अमेरिकी डॉलर को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और ब्याज दरें ऊंची रहने से डॉलर मजबूत हुआ है, जबकि सोने में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। सोने ने देखी ऐतिहासिक गिरावटयुद्ध शुरू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में पहले तेज उछाल आया था लेकिन बाद में 40 साल की ऐतिहासिक गिरावट भी देखी गई। सोना अपने उच्चतम स्तर से अब तक करीब 15 प्रतिशत टूट चुका है। इस साल इसने 5,595.51 डॉलर के सर्वकालिक उच्चतम स्तर को छुआ था। अब फिसलकर 4700 डॉलर के करीब बना हुआ है। इसस...