नई दिल्ली, फरवरी 28 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली। सीबीआई ने कथित तौर पर रिश्वत में 10 करोड़ रुपये नकद और 10 किलोग्राम सोने की ईंटें लेकर फरवरी 2022 में कानपुर के एक बड़े सर्राफा कारोबारी के बेहिसाब नकदी और संपत्तियों को दबाने के आरोप में आयकर विभाग के तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों और लखनऊ के तत्कालीन पुलिस उपायुक्त को क्लीनचिट दे दी है। लोकपाल में पेश अपनी आरंभिक जांच रिपोर्ट में सीबीआई ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा है कि जांच में इस बात का कोई साक्ष्य नहीं मिला है कि रिश्वत में नकदी या सोने की लेनदेन हुई है। लोकपाल जस्टिस ए.एम खानविलकर की अगुवाई वाली पीठ ने सीबीआई की आरंभिक जांच रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। पीठ ने सीबीआई की रिपोर्ट स्वीकार करते हुए आयकर विभाग के तत्कालीन उपायुक्त (मुख्यालय) लखनऊ, उपायुक्त (जांच) कानपुर और लखनऊ के तत्कालीन ...