चक्रधरपुर, अप्रैल 19 -- सोनुवा। सोनुवा प्रखंड के सुदूर और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित वनग्राम सकोड़ा गाँव में समस्याओं का अंबार है। आजादी के सात दशक बाद भी यह गाँव कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। गाँव में एक भी चापाकल नहीं होने से ग्रामीण चूंआं का अशुद्ध पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अलावा यहां के स्कूल के बच्चों को इसी चूंआं का अशुद्ध पानी पीना पड़ता है। बच्चों का मध्याह्न भोजन भी इसी चूंआं का पानी से ही बनता है। बरसात के दिनों में चूंआं का पानी ज्यादा दूषित हो जाता है। जिससे दूषित पानी पीने से कई बार ग्रामीण डायरिया जैसी बीमारी के चपेट में भी आ जाते हैं। यह भी पढ़ें- सड़क ध्वस्त होने से परेशानी, मरम्मत की मांग ग्रामीण मुंडा मोयका चाम्पिया ने बताया कि गाँव में चापाकल नहीं होने से पीने की पानी की बहुत समस्या है। गर्मी के दिनों में भी स...