गंगापार, अप्रैल 9 -- कस्बा भारतगंज स्थित हज़रत सोना शाह के दरगाह परिसर में आयोजित 104वें दो दिवसीय उर्स के पहले दिन बुधवार को ईद-मिलादुन्नबी की महफ़िल सजी। दूर-दराज से आए शायरों और उलेमा ने अपने कलाम और तकरीरों से माहौल को रूहानी बना दिया। जब गया (बिहार) से आए मशहूर शायर नसीम शहर ने तरन्नुम में अपना कलाम पेश करते हुए पढ़ा "सरे महशर अर्श आज़म बुलाया गया है,सही दीं को दूल्हा बनाया गया है,वहीं छोड़ आया है वो अपने दिल को,जो एक बार शहरे मदीना गया है।" तो अकीदतमंद झूम उठे और पूरा माहौल इश्के रसूल की महक से भर गया। वहीं पीलीभीत (यूपी) से आए शायर सलीम रज़ा ने भी अपने असरदार अशआर से महफ़िल में चार चांद लगा दिए।मेहमान खुसूसी काशीपुर (उत्तराखंड) से आए कासिमुल कादिरी ने इस्लाही तकरीर पेश करते हुए वालिदैन की खिदमत पर जोर दिया। बेटियों को मोहब्बत और सम...