नई दिल्ली, मार्च 16 -- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से निवेशकों को हर मोर्चे पर बुरी तरह झटका लगा है। विश्लेषकों का कहना है कि ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है, जब सभी निवेश विकल्पों (एसेट क्लास) में एक साथ गिरावट आई है। इसका प्रमुख कारण कच्चे तेल के बेतहाशा चढ़ते दाम हैं। यदि कच्चा तेल 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा तो निवेशकों का जोखिम और बढ़ सकता है। मध्य-पूर्व में जंग शुरू होने के बाद से कच्चे तेल के दाम चार साल के उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं। संघर्ष शुरू होने के समय यह 72.48 डॉलर प्रति बैरल था, जो नौ मार्च को 65 फीसदी उछलकर 119.40 डॉलर पहुंच गया था। हालांकि, बाद में कीमतों में कुछ गिरावट आई लेकिन यह एक बार फिर 100 डॉलर के पार निकल गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि होर्मुज जलमार्ग पर आपूर्ति चार से आठ सप्ताह तक बाधित रहती है तो तेल की ...