नई दिल्ली, फरवरी 3 -- केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया है, क्योंकि उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र में लोगों को उकसाने का प्रयास किया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ को बताया कि वांगचुक पाकिस्तान और चीन से सटे संवेदनशील बॉर्डर इलाके में भड़काऊ भाषण दे रहे थे, जहां क्षेत्रीय संवेदनशीलता बहुत अधिक है। मेहता ने दावा किया कि वांगचुक ने 'जेन जेड' (1997-2012 के बीच जन्मे युवाओं) को नेपाल और बांग्लादेश जैसे विरोध प्रदर्शनों के लिए उकसाने की कोशिश की, साथ ही अरब स्प्रिंग जैसे आंदोलनों का जिक्र किया, जिनसे कई देशों में सरकारें गिर गई थीं। सरकार का कहना है कि उनके भाषण राष्ट...
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