नई दिल्ली, मार्च 16 -- लद्दाख में जारी आंदोलन ने एक बार फिर जोर पकड़ा है। कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई के महज 2 दिन बाद सोमवार को लेह और कारगिल शहरों में बड़े पैमाने पर रैलियां निकाली गईं। लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस (KDA) के आह्वान पर ये प्रदर्शन आयोजित किए गए। इनका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने, छठी अनुसूची लागू करने की लंबित मांगों पर शीघ्र वार्ता शुरू करने की अपील करना था। पिछले 5 वर्षों से इन दोनों संगठनों के नेतृत्व में यह आंदोलन चल रहा है। कारगिल और आसपास के द्रास क्षेत्र में पूर्ण बंद रहा, जबकि पूरे लद्दाख संघ शासित प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि कहीं से भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। यह भी पढ़ें- US के साथ म्यूचुअल बेनिफिट ट्...