नई दिल्ली, जुलाई 24 -- शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के बाद से देश भर में फैल रहे छात्र आंदोलन को नियंत्रित करने में नरेंद्र मोदी सरकार को पहली बड़ी कामयाबी मिल गई है। गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने सरकार से अपनी तीन मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद गुरुवार की देर रात अनशन तोड़ दिया। अनशन टूटने पर खुशी जाहिर करते हुए सीजेपी के मुखिया अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक से तालमेल तोड़ते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने शुक्रवार को देश के हर जिले में अपने समर्थन में प्रदर्शन का आह्वान किया है, जिसे विपक्षी दलों का भी समर्थन मिल रहा है। लाइव हिन्दुस्तान ने शाम में ही बताया था कि अनशन टूटने के बाद भी आंदोलन चल सकत...