सैनिक स्कूलों में अब हर साल हर कक्षा में एडमिशन की तैयारी, पढ़ाई बीच में छोड़ने से सीटें रह जा रहीं खाली
नई दिल्ली, अक्टूबर 30 -- देश में सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़ने के साथ ही इनमें दाखिले के लिए छात्रों की दिलचस्पी भी लगातार बढ़ रही है। हर साल हजारों बच्चे प्रवेश परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन इन स्कूलों में करीब सात फीसदी छात्र बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। इसके चलते बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाती हैं। इस स्थिति को लेकर रक्षा मंत्रालय चिंतित है और अब खाली सीटों को भरने के लिए नए विकल्पों पर मंथन कर रहा है। इनमें हर साल सभी कक्षाओं में रिक्त सीटों पर नए प्रवेश देने का प्रस्ताव भी शामिल है। फिलहाल देश में रक्षा मंत्रालय के अधीन 33 सैनिक स्कूल संचालित हैं। इसके अलावा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत 58 सैनिक स्कूलों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें से कई ने कामकाज शुरू कर दिया है। सरकार की योजना पीपीपी मॉडल में कुल 100 स...
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