धनबाद, अगस्त 29 -- मुकेश सिंह, धनबाद। सेस बंद हुआ तो सिर्फ कोयला (कोल इंडिया) से झारखंड को प्रतिमाह औसतन 700 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। वैसे कोयला बिक्री पर प्रतिटन के हिसाब से सेस लगाया जाता है और इसकी वसूली कोयला उपभोक्ताओं से कंपनियां करती हैं। इसलिए बिक्री के अनुसार कमी-बेसी संभव है। कोल इंडिया की ओर से जुलाई महीने में कुल 3830.45 करोड़ रुपए कोयला राजस्व के रुप में स्टेट एवं सेंट्रल एक्सचेकर को भुगतान किया गया भुगतान,इसमें झारखंड के हिस्से अकेले 1798.34 करोड़ रुपए आए जो लगभग 46 प्रतिशत है। इसमें सेस के साथ रॉयल्टी, डीएमएफटी,जीएसटी आदि भी शामिले है। सिर्फ सेस की बात करें तो 700 करोड़ से अधिक है। वैसे जुलाई के पूर्व किसी महीने 500 करोड़ भी सेस मिला है। यह भी पढ़ें- एमएमडीआर संशोधन पर कांग्रेस का प्रदर्शन मुद्दा विहीन : संजीव सिन्हाराजस्...