नई दिल्ली, अगस्त 31 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने और ऊर्जा बाजारों में उथल-पुथल के बाद लगाए गए अनुमानों से भारत की जीडीपी वृद्धि अधिक रही है। इसमें सबसे अहम भूमिका कारखाना और सेवा क्षेत्रों की रही, जिनके बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल करने में सफल रहा। आंकड़ों के अनुसार, सेवा क्षेत्र की विकास 10 फीसदी रही, जो अर्थव्यवस्था के तीन व्यापक क्षेत्रों में सबसे अधिक रही। जबकि बीते वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह दर आठ फीसदी थी। सेवा क्षेत्र से जुड़े वित्तीय, रियल एस्टेट, आईटी और प्रोफेशनल सेवाएं में 12.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके साथ ही, व्यापार, होटल, परिवहन, संचार एवं ब्रॉडकास्टिंग से जुड़ी सेवाओं में 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई ...