हरिद्वार, अगस्त 12 -- उत्तरांचल (पर्वतीय) कर्मचारी-शिक्षक संगठन की जनपद शाखा हरिद्वार ने सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूटीईटी) के मानकों में बदलाव की मांग की है। संगठन ने प्रदेश संगठन से मांग की है कि सेवारत शिक्षकों के लिए यूटीईटी में न्यूनतम अर्हता 40 प्रतिशत यानी 60 अंक निर्धारित की जाए और वर्ष 2026 से ही उनके लिए अलग शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जाए। संगठन का कहना है कि वर्तमान में विभिन्न शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में न्यूनतम अर्हता के मानकों में अंतर है। उत्तराखंड बोर्ड की ओर से आयोजित यूटीईटी में विभिन्न वर्गों के लिए न्यूनतम अर्हता 60 प्रतिशत (90 अंक), 50 प्रतिशत (75 अंक) और 40 प्रतिशत (60 अंक) निर्धारित है। सेवारत शिक्षकों के लिए भी अलग-अलग अर्हता मानक लागू होने से शिक्षकों में असमानता की स्थिति बन रही है। सं...