लखनऊ, मई 2 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता राजकीय माध्यमिक स्कूलों से सेवानिवृत्त हुए शिक्षक पेंशन, गेच्युटी व जीपीएफ के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। राजकीय शिक्षक संघ की ओर से माध्यमिक शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर शिक्षा विभाग के बाबुओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय का कहना है कि बीते 31 मार्च को सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों में से 80 प्रतिशत शिक्षकों को कार्यालयों में बेवजह दौड़ाया जा रहा है। उन्हें देयकों के भुगतान का आदेश नहीं दिया जा रहा है। प्रांतीय संरक्षक ने आरोप लगाया कि चित्रकूट से सेवानिवृत्त हुए शिक्षक युनुस अहमद, कानपुर व आजमगढ़ जिलों में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को बेवजह दौड़ाया जा रहा है। यह भी पढ़ें- सहरसा : प्रोन्नति व भ्रष्टाचार म...