सेलुलर जेल की दीवार छूकर भावुक हुए बड़कागांव के बांकुरों के परिजन
मुजफ्फरपुर, अगस्त 14 -- मड़वन, एक संवाददाता। बड़कागांव के शहीदों के वंशज बलराम तिवारी गुरुवार को अंडमान-निकोबार स्थित ऐतिहासिक सेलुलर जेल पहुंचे। जेल की दीवारों को छूकर वे भावुक हो उठे, जहां उनके पूर्वजों ने अंग्रेजी हुकूमत की क्रूर यातनाएं सहीं और कालापानी की सजा काटते हुए प्राण न्योछावर कर दिए थे। उन्होंने जेल परिसर में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए दीप जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की。 यह भी पढ़ें- जहां तिरंगा फहराने के लिए फुलेना प्रसाद ने दी शहादत, वहीं आज खड़ा है स्मारकशहीदों के नाम की कमी जेल की पट्टिकाओं पर बड़कागांव के 27 शहीदों के नाम नहीं देखकर बलराम तिवारी ने चिंता जताई। बताया कि भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद की स्वीकृति और जिला प्रशासन की अनुशंसा के बावजूद 27 शहीदों के नाम शिलापट्ट पर दर्ज नहीं होना बेहद दुखद है। बलराम तिवारी...
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