नई दिल्ली, अगस्त 10 -- डिमैट और म्यूचुअल फंड खातों के नॉमिनी से जुड़े नए नियम एक सितंबर 2026 से लागू हो जा रहे हैं। अब निवेशकों के लिए एकल डिमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनी का नाम देना अनिवार्य होगा। अगर वे नॉमिनी नहीं देना चाहते हैं तो नामांकन से बाहर रहने की घोषणा करनी होगी। शेयर बाजार नियामक सेबी ने हाल ही में नियमों में बदलाव किया है। सेबी के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य निवेशक की मृत्यु के बाद शेयर और म्यूचुअल फंड यूनिट्स का ट्रांसफर आसान बनाना और कानूनी विवाद कम करना है। अगर कोई निवेशक नॉमिनी नहीं बनाना चाहता, तो वह अपने ब्रोकर, बैंक या म्यूचुअल फंड की वेबसाइट या ऐप पर लॉगिन करके 'ऑप्ट-आउट' का विकल्प चुन सकता है। यह भी पढ़ें- रतन टाटा की वसीयत: दान कर दी अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा, देखें किसे क्या मिला इसके लिए निर्धार...