नई दिल्ली, सितम्बर 12 -- 40 की उम्र पार करने के बाद लोग नौकरी में किसी भी तरह का रिस्क लेने से बचते हैं। सिर पर परिवार की जिम्मेदारियां होती है और बच्चों की पढ़ाई के बढ़ते खर्च की टेंशन भी। लेकिन राजस्थान के महावीर सिंह की कहानी इस आम धारणा और राह से अलग है। उन्होंने सुरक्षित रास्ता छोड़कर जोखिम लेते हुए अपने ख्वाब को चुना। वर्ष 2022 में उन्होंने अपनी सुरक्षित और सम्मानजनक भारतीय वायुसेना की नौकरी छोड़ने का फैसला किया। एयरफोर्स में भी वो कोई आम जवान नहीं थे, बल्कि गरुड़ कमांडो थे। वर्ष 2018 की केरल बाढ़ के दौरान उन्होंने सैकड़ों लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा वह करीब 14 महीने तक कांगो में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना का हिस्सा भी रहे। यह भी पढ़ें- 4 बार प्रीलिम्स में फेल, छठी बार में UPSC क्रैक, असिस्टेंट कमिश्नर बनीं प...