नई दिल्ली, मार्च 24 -- महिला सैन्य अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत सेवा देने वाली महिला सैन्य अधिकारी भी परमानेंट कमीशन की हकदार हैं और उनके साथ किसी तरह के भेदभाव नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महिला सैन्य अधिकारियों के साथ न्याय होना चाहिए।भेदभाव पूर्ण हो गया सिस्टम सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह पूरे तंत्र की निष्पक्षता दिखाता है कि एसएससी महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन नहीं दिया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि आदेश दिया गया था कि कम से कम 250 महिला अधिकारियों को हर साल स्थायी कमीशन दिया जाएगा और इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता है। संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत कोर्ट ने अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए यह टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि थलसेना...
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