मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 2 -- मुजफ्पुरपुर, प्रमुख संवाददाता। सेना में नायक के पद पर तैनात दयानंद पांडेय से चार साल पहले हुई नौ लाख रुपये की साइबर ठगी की फाइल पुलिस ने बंद कर दी थी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई और पुलिस ने केस को सत्य सूत्रहीन बता दिया तो दयानंद पांडेय डीजीपी से मिले। अब डीजीपी के आदेश पर फिर से ठगी की बंद फाइल खोलकर जांच शुरू की गई है। पांच साल बाद केस में डीएसपी ने गंभीरता से सुपरवीजन किया और आईओ को बैंक खातों के आधार पर जांच करने के लिए कई बिंदू दिए। दरअसल, पुलिस ने तीन साल से अधिक पुरानी साइबर ठगी के 250 से अधिक केस को बंद कर दिया है। ज्यादातर केस सत्य सूत्रहीन घोषित किए गए हैं। आई ने समय पर जांच नहीं की। अब शातिरों के मोबाइल के कॉल डिटेल नहीं मिल सकते हैं, इसलिए लंबित केसों की संख्या कम करने के लिए केस में फाइनल रिपोर्ट दाखिल ...
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