नई दिल्ली, जून 30 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने सेना मेडिकल कोर के दो अधिकारियों (डॉक्टरों) को अंतरिम राहत देने से मना कर दिया। इन अधिकारियों ने नीट पीजी 2026 परीक्षा के लिए आवेदन करने व उसमें बैठने की इजाजत मांगी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी राहत से सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के 2025 प्रशिक्षण नियम का संचालन बेअसर हो जाएगा। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा एवं न्यायमूर्ति विनोद कुमार की अवकाशकालीन पीठ ने सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) के उन आदेशों को चुनौती देने वाली अलग-अलग याचिकाएं खारिज कर दीं, जिनमें उन्हें अंतरिम राहत देने से मना कर दिया गया था। पीठ ने माना कि उसे एएफटी के आदेशों में कोई गलती नहीं मिली है। इसलिए डॉक्टरों की याचिकाएं खारिज की जाती हैं। याचिकाकर्ताओं ने सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के मेडिकल/नॉन-टेक्निकल अधिकारियों के लिए 2025 प्रशिक्षण व प...