सेनानियों की जमीन कब्जा मुक्ति को तेज हुई पहल
बलिया, मई 17 -- रेवती, हिन्दुस्तान संवाद। स्वतंत्रता सेनानी व उनके आश्रितों परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार की ओर से 1960-70 के दशक में उत्तराखंड के नैनीताल में जमीन दी गई थी। लेकिन बड़े पैमाने पर सेनानियों की जमीन भू माफियाओं ने कब्जा कर लिया है। लिहाजा अब तक अधिकांश सेनानी परिवारों की स्थिति बदहाल है। रविवार को पूर्वांचल जनता दल के अध्यक्ष भरत यादव के नेतृत्व में सेनानी आश्रितों का प्रतिनिधमंडल उत्तराखंड के लिए रवाना हुआ है।पूर्वांचल जनता दल के अध्यक्ष ने बताया कि उस समय प्रत्येक सेनानियों को 36 से 40 एकड़ के हिसाब से कृषि योग्य भूमि एलाट हुआ था। यह भी पढ़ें- ग्रामीणों से यूकेडी से जुड़ने का किया आह्वान इसमें जिले के सेनानियों की संख्या डेढ़ हजार से अधिक थी, लेकिन अब तक मात्र 20 फीसदी लोग ही जमीन पर काबिज हो सके हैं। ...
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