अंकित कुमार चाैधरी। देहरादून, नवम्बर 28 -- पहाड़ के लोगों को सुनहरे भविष्य का सपना दिखाने वाली एलयूसीसी सोसायटी जब रातों-रात अपने दफ्तरों पर ताला जड़कर फरार हुई, तो निवेशकों के पैरों तले से मानों जमीन खिसक गई। पहले निवेश पर एजेंटों को अच्छा रिटर्न दिया गया। फिर उनके जरिए सेठ बनाने का सपना दिखाकर हजारों लोगों को जोड़ा गया, जिन्होंने करोड़ों का निवेश किया और फिर सड़क पर आ गए। लोगों के आक्रोश के बीच सामने आया कि लोगों ने अपनी बेटियों की शादी, बुढ़ापे की पेंशन और मकान बनाने के लिए रखी रकम की पाई-पाई जोड़कर सोसायटी में जमा कराई थी। उम्मीद थी निवेश के जरिए वह अपने सपने को और अच्छे तरीके से पूरे कर पाएंगे। हालांकि, यह सत्य नहीं था। 2024 के अंत तक आते-आते सोसायटी से दिए चेक बाउंस होने लगे और पोर्टल बंद कर दिए गए। शाखाओं में लोग पहुंचे तो वहां ताल...
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