कोलकाता, दिसम्बर 11 -- कलकत्ता हाईकोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत एक 23 वर्षीय युवक को 12 साल की बच्ची के साथ यौन संबंध बनाने के आरोप में आजीवन कारावास और 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा को बरकरार रखा है। जस्टिस राजशेखर मंथा और जस्टिस अजय कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि नाबालिग बच्ची यौन संबंधों के परिणामों को नहीं समझ सकती और वह वैध सहमति देने में असमर्थ होती है, भले ही वह प्यार या शादी के झूठे वादे में विश्वास कर ले। मामला 2015-2017 का है। पीड़िता उस समय सिर्फ 12 साल की थी जब आरोपी ने उसके साथ कथित प्रेम-संबंध शुरू किया। आरोपी की उम्र उस समय 23 साल थी। बाद में उसने शादी का झूठा वादा देकर नाबालिग क साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने अदालत में स्वीकार किया कि वह आरोपी से प्यार करती थी और शादी की उम्मीद में संबंध बना...