बगहा, अप्रैल 21 -- वाल्मीकि नगर, एक प्रतिनिधि। भारत-नेपाल के वाल्मीकिनगर सीमा पर स्थित ऐतिहासिक गंडक बराज को हाईटेक बनाया जाएगा। इसके फाटकों में सेंसर लगाएं जाएंगे। किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी की सूचना सेंसर के माध्यम से तत्काल मिल जाएगी। सोमवार को इसकी जांच के लिए पहुंची केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान शाला (सीडब्ल्यूपीआरएस) पुणे के दो वैज्ञानिक अनूप कुमार एवं खलील बाघवान पहुंचे। दोनों वैज्ञानिकों ने गंडक बराज की कई बिंदुओं पर जांच की। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट वे लोग विभाग को सौंपेंगे। इसके आधार पर बराज को हाईटेक बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। बता दें कि प्रत्येक वर्ष गंडक बराज के स्ट्रक्चर समेत अन्य सुरक्षा बिंदुओं पर बाढ़ पूर्व जांच की जाती है। यह भी पढ़ें- सेंसर से बराज में गड़बड़ी की मिलेगी सूचना जांच में कमी मिलने प...