बरेली, जून 27 -- सेंथल। यौमे आशूरा के बाद भी कस्बे में अजादारी का सिलसिला जारी है जिसके चलते ईदारा इरफाने ईमाने अबूतालिब की ओर से मशाल जुलूस निकाल 18 बनी हाशिम के शबी-ए- ताबूत की ज्यारत कराई गई। दरगाह हजरत अब्बास अलहैस्सलाम में हुई मजलिस को शाहीन रजा जैदी ने खिताब करते हुए हजरत ईमाम हुसैन व उनके कुनबे पर ढाये गये यजीदी जुल्म का वर्णन किया। मजलिस के बाद मशाल जुलूस निकाला गया। अपने निश्चित मार्ग से होता हुआ यह जुलूस ईमामबाड़ा कलां पर पहुंचा जहा मौलाना गजनफर अली ने 18 बनी हाशिम की शहादत बयां की। इस दौरान 18 बनी हाशिम के शबी-ए-ताबूत की ज्यारत करायी गयी। लोग ताबूतों की ज्यारत कर खूब रोए।। इसमें नजीम हुसैन,काशिफ जैदी, मगन जैदी, शहाबुल जैदी, शारिफ जैदी, इप्पू आदि लोग मौजूद रहे।

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