मेरठ, मई 20 -- अयोध्या में श्रीराम मंदिर में स्थापित श्रीरामलला के दर्शन होते ही ऐसा लगता है जैसे मानो प्रभु राम का बाल स्वरूप साक्षात सामने उपस्थित हो गया हो। जी हां श्रीरामलला की मूर्ति को बनाने से पहले उनका स्कैच (चित्र) तैयार किया था। स्कैच का मूल चित्र बनाने वाले काशी के जाने माने चित्रकार डॉ. सुनील विश्वकर्मा हैं, जोकि मंगलवार को सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल लोहियानगर में आयोजित कार्यशाला में पहुंचे और अनुभवों को भी साझा किया। उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील विश्वकर्मा ने बताया कि प्रभु श्रीराम का बालस्वरूप का चित्र कब बनता चला गया, उन्हें स्वयं अंदाजा नहीं हुआ। चित्र बनाने से पहले दर्जनों स्कैच कैंसिल कर दिए गए थे। जब उनके सामने प्रस्ताव आया, तो एक माह तक विचार मंथन किया। बाल स्वरूप पर मंत्रमुग्ध कर देने वाले ...