मुरादाबाद, जनवरी 7 -- प्राचीन काली माता मंदिर गोविंद नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास धीरशांत दास ने कहा सृष्टि के उचित संतुलन के लिए आदि कृष्ण भगवान ने अपने सर्वांग से ब्रह्मा, विष्णु और महेश के रूप में अवतरित होकर महालीला की। कृष्ण अनुकूल, प्रतिकूल, शुभ-अशुभ आदि समस्त संबंधों के स्त्रोत हैं। जब हम भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन रहकर अपने आप को समर्पित करते हैं, तब सब कुछ मंगलमय हो जाता है। भगवान श्रीकृष्ण चिरकाल से ही अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते रहे हैं। व्यवस्था में महंत राघव दास, पुजारी महेंद्र दास और श्याम कृष्ण रस्तोगी सहित चंदर प्रजापति, लटूर सिंह, ब्रज किशोर सक्सेना, डॉ. जगदीश शर्मा, होराम सैनी, विनीत सिंह, वीरपाल सिंह, श्यामो देवी, सुमन रानी, गिरीशा देवी, ममता ठाकुर, मालती सैनी, अंजू शर्मा आदि रहे।
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